जिरम घाटी हत्याकांड: NIA की विशेष अदालत ने 10 दोषियों को सुनाई फांसी की सजा

National Investigation Agency - NIA

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिरम घाटी हत्याकांड मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जगदलपुर स्थित विशेष अदालत ने सभी 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने गुरुवार को सजा का फैसला सुनाया। अदालत ने दोषियों को फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।

जिरम घाटी में 25 मई 2013 को दरभा थाना क्षेत्र में माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के काफिले को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित 27 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 35 अन्य लोग घायल हुए थे। यह हमला छत्तीसगढ़ के सबसे गंभीर नक्सली हमलों में शामिल रहा है।

मामले की जांच के बाद NIA ने 150 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। शेष 10 आरोपियों को NIA की विशेष अदालत ने 5 सितंबर को दोषी करार दिया था।

दोषसिद्धि के बाद अदालत ने आज सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत द्वारा अपील के लिए 30 दिन का समय दिए जाने के कारण अब दोषियों के पास हाई कोर्ट के समक्ष फैसले को चुनौती देने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया हाई कोर्ट में अपील दाखिल होने के बाद तय होगी।

जिरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सुरक्षा इतिहास की एक बड़ी त्रासदी माना जाता है। करीब 13 वर्ष पुराने इस मामले में विशेष अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों की सजा के खिलाफ संभावित अपील पर हाई कोर्ट में सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।