बैड टच मामले में शिक्षक को 5 वर्ष का सश्रम कारावास, विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा

The Rajpatra Law

नाबालिग छात्रा के साथ बुरी नीयत से बैड टच करने के मामले में विशेष न्यायालय ने शिक्षक को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका जायसवाल ने आरोपी शिक्षक गणेश राम चंद्राकर को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 10 के तहत दोषी पाते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

इसके अतिरिक्त न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत भी आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध माना और यह निर्णय पारित किया।