बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कृष्णानगर ग्राम पंचायत की सरपंच जसिला तिथियो के चुनाव को रद्द करने के निर्वाचन ट्रिब्यूनल के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने माना कि नामांकन दाखिल करने के समय उनकी उम्र 21 वर्ष पूरी नहीं हुई थी, इसलिए वह पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं थीं।
जसिला तिथियो ने 22 फरवरी 2025 को हुए सरपंच चुनाव में सबसे अधिक वोट हासिल किए थे। चुनाव के बाद प्रतिवादी सुरजपती राम ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 122 के तहत चुनाव याचिका दायर कर उनकी उम्र पर सवाल उठाया। याचिका में उनकी जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 बताते हुए कहा गया कि नामांकन के समय उनकी उम्र केवल 19 वर्ष थी।
मामले में आधार कार्ड और वोटर आईडी में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2002 दर्ज थी, जबकि कक्षा 1 से लेकर मैट्रिक तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 दर्ज पाई गई। हाईकोर्ट ने 2021 में जारी कक्षा 10वीं के प्रमाणपत्र को अधिक विश्वसनीय माना। कोर्ट ने बाद में 5 जुलाई 2025 को जारी अपडेटेड जन्म प्रमाणपत्र को भी स्वीकार नहीं किया, क्योंकि यह चुनाव याचिका दायर होने के बाद जारी हुआ था।
कोर्ट ने कहा कि “Aadhaar Card और Voter ID Card जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।” वहीं, लगातार उपलब्ध शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर 12 अप्रैल 2004 को सही जन्मतिथि माना गया।
हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 243F(1)(a) का हवाला देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होना अनिवार्य है। कोर्ट ने यह भी माना कि निर्वाचन ट्रिब्यूनल ने उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने और साक्ष्य प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर दिए थे। इसलिए याचिका में कोई मेरिट नहीं पाया गया और WPC No. 5343/2025 को खारिज कर दिया गया।
मामले का फैसला Jasila Thithiyo vs State of Chhattisgarh & Others में न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने सुनाया।
